जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 (कक्षा 6): Full Details and Apply Process| Exam Date | syllabus| Pattern

SHUBHASH JAISWAL
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हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा देश के सबसे बेहतरीन, सुरक्षित और अनुशासित स्कूल में पढ़े। अगर आप भी अपने बच्चे के लिए कुछ ऐसा ही सोच रहे हैं, तो जवाहर नवोदय विद्यालय आपके लिए सबसे सही विकल्प है। यह स्कूल ग्रामीण और होनहार बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आज यहाँ से पढ़कर निकले बच्चे आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर और बड़ी कंपनियों में शानदार पदों पर बैठे हैं।


नवोदय विद्यालय समिति ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए होने वाली चयन परीक्षा 2026 की घोषणा कर दी है। अगर आपका बच्चा अभी पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा है, तो उसके भविष्य को संवारने का यह सबसे सही समय है।

इस ब्लॉग पोस्ट में मैंने नवोदय परीक्षा 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को बहुत ही आसान भाषा में समझाया है। इसे पढ़ने के बाद आपको कहीं और जानकारी खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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Navoday admission Class 6th 2026



सबसे पहले नोट कर लें ये जरूरी तारीखें
नवोदय विद्यालय समय को लेकर बहुत सख्त है। अगर तारीख निकल गई, तो आपको दोबारा मौका नहीं मिलेगा। इसलिए इन तारीखों का खास ध्यान रखें:




  • आधिकारिक सूचना जारी होने की तारीख - 5 जुलाई 2026
  • ऑनलाइन फॉर्म भरने की शुरुआत - 7 जुलाई 2026
  • फॉर्म भरने की आखिरी तारीख - 31 जुलाई 2026
  • फॉर्म में सुधार करने का समय - 2 अगस्त से 4 अगस्त 2026
  • एडमिट कार्ड डाउनलोड होने की तारीख - 10 नवंबर 2026
  • प्रवेश परीक्षा की तारीख - 28 नवंबर 2026 (दिन शनिवार) परीक्षा का समय: सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
  • रिजल्ट आने का समय- मार्च या अप्रैल 2027 के आस-पास



आखिर माता-पिता नवोदय विद्यालय ही क्यों चाहते हैं?


नवोदय में एडमिशन मिलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों में जो सुविधाएं लाखों रुपये खर्च करके मिलती हैं, वो यहाँ बिल्कुल मुफ्त हैं:


पूरी तरह से मुफ्त शिक्षा: यहाँ बच्चों की पढ़ाई, हॉस्टल में रहना, अच्छा खाना, स्कूल की यूनिफॉर्म, किताबें और रोजमर्रा की चीजें जैसे साबुन-तेल सब कुछ मुफ्त मिलता है। तीन भाषाओं की जानकारी: यहाँ बच्चों को तीन भाषाएं सिखाई जाती हैं। कक्षा 9 में बच्चों को दूसरे राज्यों के नवोदय स्कूलों में भी भेजा जाता है ताकि वे नई संस्कृति सीख सकें। शानदार सुविधाएं: हर स्कूल में बेहतरीन लैब, कंप्यूटर रूम, बड़े खेल के मैदान और स्मार्ट क्लासरूम होते हैं। बेहतरीन रिजल्ट: हर साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में नवोदय का रिजल्ट नामी प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर होता है।

फॉर्म भरने से पहले जान लें ये कड़े नियम


फॉर्म भरने से पहले यह पक्का कर लें कि आपका बच्चा इन शर्तों को पूरा करता है, वरना बाद में एडमिशन रद्द हो सकता है:


पढ़ाई की शर्त: बच्चा सत्र 2026-27 में उसी जिले के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा हो। इसके अलावा, उसने तीसरी और चौथी कक्षा भी बिना फेल हुए पास की हो। उम्र की सीमा: बच्चे का जन्म 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच होना चाहिए। उम्र में किसी भी जाति या वर्ग को कोई छूट नहीं मिलती है। जिले का नियम: आप सिर्फ उसी जिले के नवोदय के लिए फॉर्म भर सकते हैं, जहाँ बच्चा अभी पांचवीं में पढ़ रहा है और जहाँ के आप मूल निवासी हैं। सिर्फ एक मौका: कोई भी बच्चा अपनी जिंदगी में सिर्फ एक बार ही यह परीक्षा दे सकता है। अगर पिछले साल फॉर्म भरा था, तो इस बार वह फॉर्म नहीं भर सकता।

सीटों का बंटवारा और आरक्षण कैसे होता है?


हर जिले के नवोदय स्कूल में कक्षा 6 के लिए लगभग 80 सीटें होती हैं। इनका बंटवारा कुछ इस तरह होता है:


ग्रामीण बच्चों के लिए: कुल 80 में से 60 सीटें यानी 75 प्रतिशत सीटें उन बच्चों के लिए होती हैं, जिन्होंने तीसरी, चौथी और पांचवीं की पढ़ाई गांव के स्कूल से की है। शहरी बच्चों के लिए: बाकी बची 20 सीटें शहरी बच्चों के लिए होती हैं। अगर बच्चे ने एक दिन भी शहर के स्कूल में पढ़ाई की है, तो उसे शहरी ही माना जाएगा। लड़कियों के लिए: कुल सीटों में से एक-तिहाई सीटें लड़कियों के लिए रिजर्व होती हैं। जातिगत आरक्षण: सरकार के नियमों के हिसाब से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के बच्चों को आरक्षण मिलता है।

कैसा होता है परीक्षा का पैटर्न?


यह परीक्षा ऑफलाइन होती है, यानी बच्चे को पेन और पेपर (ओएमआर शीट) से पेपर देना होता है। परीक्षा में कुल 80 सवाल आते हैं, जो 100 नंबर के होते हैं। इसे हल करने के लिए 2 घंटे का समय मिलता है।


मानसिक योग्यता: इसके 40 सवाल होते हैं (50 नंबर)। इसके लिए 1 घंटा मिलता है। गणित: इसके 20 सवाल होते हैं (25 नंबर)। इसके लिए 30 मिनट मिलते हैं। भाषा (हिंदी या अंग्रेजी): इसके 20 सवाल होते हैं (25 नंबर)। इसके लिए भी 30 मिनट मिलते हैं।

सबसे अच्छी बात यह है कि इस परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती। इसलिए बच्चे को परीक्षा में कोई भी सवाल छोड़कर नहीं आना चाहिए।


पढ़ाई में किन विषयों पर ज्यादा ध्यान दें?


मानसिक योग्यता: इसमें चित्र वाले सवाल आते हैं। जैसे- चार चित्रों में से सबसे अलग चित्र खोजना, अधूरे चित्र को पूरा करना, या शीशे में चित्र कैसा दिखेगा यह पहचानना। गणित: गणित में सीधे फॉर्मूले वाले सवाल नहीं आते। बच्चे को जोड़-घटाव, भिन्न, एलसीएम-एचसीएफ, दशमलव, प्रतिशत, लाभ-हानि, साधारण ब्याज और क्षेत्रफल जैसे विषयों की अच्छी समझ होनी चाहिए। भाषा: इसमें व्याकरण नहीं रटना है। परीक्षा में 4 पैराग्राफ दिए जाते हैं और उन्हें पढ़कर नीचे दिए गए सवालों के जवाब देने होते हैं। इसके लिए बच्चे की पढ़ने और समझने की आदत अच्छी होनी चाहिए।


ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?


फॉर्म भरना बिल्कुल मुफ्त है और आप इसे खुद या किसी भी कंप्यूटर कैफे से भरवा सकते हैं:


सबसे पहले नवोदय की वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाएं। वहां से एक 'स्टडी सर्टिफिकेट' डाउनलोड करके प्रिंट कर लें। इस सर्टिफिकेट पर बच्चे की डिटेल भरें और उसके वर्तमान स्कूल के प्रिंसिपल से साइन और मुहर लगवा लें। वेबसाइट पर वापस जाकर रजिस्ट्रेशन करें और सारी जानकारी ध्यान से भरें। बच्चे की फोटो, साइन, माता-पिता के साइन, प्रिंसिपल से साइन कराया हुआ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सारी स्पेलिंग चेक कर लें। अंत में रजिस्ट्रेशन नंबर का प्रिंट निकालकर सुरक्षित रख लें।

फॉर्म भरते समय लोग अक्सर क्या गलतियां करते हैं?


नाम या जन्मतिथि में अंतर: फॉर्म में वही नाम और जन्मतिथि लिखें जो बच्चे के आधार कार्ड और स्कूल के रजिस्टर में हो। अगर दोनों में अंतर है, तो पहले आधार कार्ड ठीक करवा लें। गांव और शहर चुनने में गलती: फॉर्म भरते समय ग्रामीण (रूरल) या शहरी (अर्बन) का चुनाव बहुत ध्यान से करें। एक गलती से बच्चा ग्रामीण कोटे से बाहर हो सकता है। गलत मोबाइल नंबर: हमेशा अपना चालू मोबाइल नंबर ही दें, क्योंकि एडमिट कार्ड और रिजल्ट के मैसेज उसी पर आएंगे।


परीक्षा पास करने के कुछ खास टिप्स


पुराने पेपर हल करवाएं: बाजार से पिछले 10 सालों के पेपर ले आएं और बच्चे से समय लगाकर हल करवाएं। इससे उसे परीक्षा के माहौल की आदत हो जाएगी। ओएमआर शीट भरने की प्रैक्टिस: पांचवीं के बच्चों को ओएमआर शीट भरने की आदत नहीं होती। इंटरनेट से खाली शीट डाउनलोड करके उन्हें गोले भरने की खूब प्रैक्टिस करवाएं। चित्र वाले सवालों पर जोर दें: मानसिक योग्यता वाले हिस्से में पूरे 50 नंबर लाए जा सकते हैं। इस पर सबसे ज्यादा ध्यान दें।


मेरी सुझाव 


नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा सिर्फ एक टेस्ट नहीं है, यह आपके बच्चे के सपनों को उड़ान देने का एक शानदार मौका है। परीक्षा 28 नवंबर 2026 को है। 7 जुलाई को जैसे ही फॉर्म भरने शुरू हों, शुरुआत में ही जरूरी कागज तैयार करके फॉर्म भर दें ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। अगर बच्चा अभी से रोज 2-3 घंटे मन लगाकर पढ़ाई करे, तो सफलता जरूर मिलेगी।
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